Punjab Blackout Mock Drill: 27 नवंबर को रात 8 बजे बजेगा सायरन, बंद करनी होंगी गैर-जरूरी Lights
EDITOR|Voice of Jalandhar
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Punjab Blackout Mock Drill: पंजाब में एक बार फिर सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी।...
Punjab Blackout Mock Drill: पंजाब में एक बार फिर सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। पंजाब सरकार की ओर से भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी जिलों में 27 नवंबर को रात 8 बजे यह मॉक ड्रिल करवाई जाएगी। इसका उद्देश्य किसी संभावित आपात स्थिति के दौरान सिविल डिफेंस की तैयारियों का जायजा लेना और जरूरी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना है।
इस दौरान आम लोगों को भी मॉक ड्रिल की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। खास तौर पर निर्धारित क्षेत्रों में सायरन बजने के बाद गैर-जरूरी रोशनी बंद रखने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाएगी कि वे घबराएं नहीं और मॉक एक्सरसाइज को सामान्य प्रक्रिया के तौर पर लें।
Punjab Blackout Mock Drill कब और कैसे होगी?
Punjab Blackout Mock Drill की शुरुआत एयर रेड वार्निंग सिग्नल से होगी। इसके तहत सबसे पहले करीब दो मिनट तक हाई-लो पिच वाला सायरन बजाया जाएगा। सायरन लोगों को मॉक ड्रिल शुरू होने का संकेत देगा।
सायरन बजने के बाद संबंधित क्षेत्रों में ब्लैकआउट प्रक्रिया लागू की जाएगी। यह कार्रवाई संबंधित डिप्टी कमिश्नर-कम-कंट्रोलर, सिविल डिफेंस की निगरानी में निर्धारित क्षेत्रों में करवाई जाएगी। प्रशासन और सिविल डिफेंस से जुड़े अधिकारी इस दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
सायरन बजते ही क्या करना होगा?
ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज के दौरान निर्धारित इलाकों में रहने वाले लोगों से सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद करने को कहा जाएगा। इसका उद्देश्य एयर रेड या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में ब्लैकआउट व्यवस्था की प्रभावशीलता को परखना है।
लोगों को सलाह दी जाएगी कि सायरन सुनने के बाद अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। हालांकि, मॉक ड्रिल के दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर असर न पड़े।
ब्लैकआउट के दौरान जरूरी सेवाएं रहेंगी जारी
मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट का मतलब पूरे पंजाब में सभी बिजली सेवाओं को बंद करना नहीं है। यह प्रक्रिया निर्धारित क्षेत्रों और तय व्यवस्थाओं के तहत की जाएगी। जरूरी सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित रखने का प्रावधान रहेगा।
इसलिए लोगों को किसी तरह की अफवाह या भ्रम पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी और निर्देशों का पालन करना चाहिए।
‘ऑल क्लियर’ सायरन से खत्म होगी मॉक ड्रिल
ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज पूरी होने के बाद प्रशासन की ओर से दो मिनट तक तेज आवाज वाला सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन ‘ऑल क्लियर’ का संकेत होगा।
‘ऑल क्लियर’ सिग्नल मिलने के बाद मॉक ड्रिल समाप्त मानी जाएगी और निर्धारित क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां दोबारा शुरू की जा सकेंगी।
क्यों करवाई जा रही है यह मॉक एक्सरसाइज?
Punjab Blackout Mock Drill का मुख्य उद्देश्य किसी संभावित आपातकालीन स्थिति में प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस और अन्य संबंधित विभागों की तैयारियों को परखना है। इस तरह की एक्सरसाइज के जरिए यह देखा जाता है कि चेतावनी मिलने के बाद संबंधित विभाग कितनी तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं और आम लोगों तक जरूरी सूचना किस तरह पहुंचाई जाती है।
इसके अलावा ब्लैकआउट व्यवस्था, सायरन सिस्टम, नियंत्रण कक्ष और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भी परखा जाता है। मॉक ड्रिल से सामने आने वाली कमियों की पहचान कर भविष्य के लिए तैयारियों को बेहतर किया जा सकता है।
लोगों से सहयोग की अपील
प्रशासन की ओर से इस तरह की मॉक एक्सरसाइज के दौरान लोगों से सहयोग करने की उम्मीद की जाती है। सायरन सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पहले से निर्धारित सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का हिस्सा होगा।
27 नवंबर को रात 8 बजे शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के दौरान निर्धारित क्षेत्रों के लोगों को गैर-जरूरी लाइटें बंद रखनी होंगी और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी और मॉक ड्रिल के अंत में ‘ऑल क्लियर’ सायरन के जरिए इसके समाप्त होने की जानकारी दी जाएगी।