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अमृतसर में डेरा कार सेवा संत भूरी वालों का वार्षिक समागम, बड़ी संख्या में संगतों ने भरी हाजिरी
पंजाब

अमृतसर में डेरा कार सेवा संत भूरी वालों का वार्षिक समागम, बड़ी संख्या में संगतों ने भरी हाजिरी

EDITOR|Voice of Jalandhar
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अमृतसर, पंजाब: श्री अमृतसर साहिब के तरनतारन रोड स्थित डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदियाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की वार्षिक याद को समर्पित धार्मिक समागम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस समागम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतों और संत-महापुरुषों ने शिरकत की। इस दौरान गुरबाणी, गुरमत विचारों और सेवा-सिमरन के माध्यम से संगतों को गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया।

29 OCTOBER अमृतसर, पंजाब: श्री अमृतसर साहिब के तरनतारन रोड स्थित डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदियाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की वार्षिक याद को समर्पित धार्मिक समागम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस समागम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतों और संत-महापुरुषों ने शिरकत की। इस दौरान गुरबाणी, गुरमत विचारों और सेवा-सिमरन के माध्यम से संगतों को गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया।

समागम में धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ पंजाब के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह खोलने और वाघा सीमा के माध्यम से व्यापार तथा आवाजाही बहाल करने पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

सेवा और सिमरन को समर्पित रहा धार्मिक समागम

डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में आयोजित इस समागम में संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदियाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की याद में संगतों ने श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में देश-विदेश से पहुंचीं संगतों और संत-महापुरुषों की उपस्थिति देखने को मिली।

समागम के दौरान गुरबाणी और गुरमत विचारों के माध्यम से गुरु साहिबान की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी गई। सेवा, सिमरन, आपसी प्रेम और मानवता की भलाई का संदेश भी दिया गया।

इस मौके पर कश्मीर सिंह भूरी वालों ने कहा कि यह समागम सेवा और सिमरन को समर्पित महापुरुषों की याद में श्रद्धा और प्रेम के साथ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतों और संत-महापुरुषों का पहुंचना समागम की शोभा बढ़ा रहा है।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख संस्थाओं के प्रबंधन पर रखे विचार

समागम में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी शिरकत की। उन्होंने धार्मिक समागमों की महत्ता पर विचार साझा करते हुए सिख संस्थाओं के प्रबंधन में लोकतांत्रिक अधिकारों और विभिन्न संप्रदायों को उचित प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में संबंधित समुदायों और संप्रदायों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। संस्थाओं को अपने धार्मिक, सामाजिक और सेवा संबंधी उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए पारदर्शिता और उचित प्रतिनिधित्व पर ध्यान देना चाहिए।

पंजाब में नशे और गैंगस्टरवाद पर जताई चिंता

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की समस्या राज्य के युवाओं के सामने गंभीर चुनौती बनी हुई है। उन्होंने सरकार से नशा तस्करी पर रोक लगाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए सख्त तथा प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने नशे से जुड़े गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, पंजाब में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों का भरोसा कायम रखने के लिए इन समस्याओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

इसके साथ ही उन्होंने जमीनों और प्लॉटों से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों पर भी ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

करतारपुर साहिब कॉरिडोर पूरी तरह खोलने की मांग

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह खोलने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्री करतारपुर साहिब सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और संगतों की आस्था इससे गहराई से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने का अवसर मिलता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को सुचारु रूप से खोलने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

वाघा सीमा से व्यापार और आवाजाही बहाल करने की अपील

इस अवसर पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने वाघा सीमा के माध्यम से व्यापार और आवाजाही बहाल करने की मांग भी उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर आर्थिक, सामाजिक और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से विचार करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सीमा के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियां बहाल होने से व्यापारियों को लाभ मिल सकता है और दोनों ओर के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी निर्णय के लिए सुरक्षा, कूटनीतिक परिस्थितियों और संबंधित सरकारी नीतियों को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।

धार्मिक समागम में सामाजिक मुद्दों पर भी हुई चर्चा

डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में आयोजित इस वार्षिक समागम में जहां संगतों ने महापुरुषों की याद में श्रद्धा व्यक्त की, वहीं पंजाब के महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे भी चर्चा में रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सिमरन, गुरमत और मानवता की भलाई का संदेश दिया गया। वहीं ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने नशे, गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार और जमीनों से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे मुद्दों पर चिंता जताते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

कुल मिलाकर, अमृतसर में आयोजित यह धार्मिक समागम श्रद्धा और सेवा-सिमरन के साथ-साथ पंजाब के सामाजिक हालात तथा करतारपुर कॉरिडोर और वाघा सीमा से व्यापार बहाल करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा करने का अवसर बना।
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EDITOR

अनुभवी पत्रकार और लेखक

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